लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र को नई मजबूती मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने मेडिकल सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आठ नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इस घोषणा के बाद उन जिलों के छात्रों और स्थानीय लोगों में उम्मीद बढ़ गई है, जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की तैयारी
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें 17 सरकारी और 23 निजी संस्थान शामिल थे। लगातार किए गए प्रयासों के बाद अब यह संख्या बढ़कर 83 हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है। कई बड़े जिलों में आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक मेडिकल कॉलेज भी विकसित किए जाएंगे, ताकि छात्रों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिल सके।
एमबीबीएस और पीजी सीटों में हुआ इजाफा
सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट (एमएस/एमडी) सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले की तुलना में एमबीबीएस सीटों की संख्या काफी बढ़ी है, जबकि एमएस और एमडी की सीटें लगभग ढाई गुना तक बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी कोर्स जैसे एमसीएच (MCh) की सीटों का भी विस्तार किया गया है, जिससे भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर होगी।
नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा पर भी विशेष ध्यान
सरकार का मानना है कि केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ भी उतना ही जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक नए मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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