आपको बता दें की बाद के कारण नाव के नुकसान पर भी अलग-अलग सहायता मिलेगी। आंशिक रूप से खराब गैर-यंत्रीकृत नाव की मरम्मत के लिए 6,000 रुपये, जबकि पूरी तरह नष्ट नाव के स्थान पर नई नाव के लिए 15,000 रुपये दिए जाएंगे।
इसी तरह जाल खराब होने पर भी राहत का प्रावधान है। आंशिक नुकसान की स्थिति में 3,000 रुपये और पूरी तरह खराब या गुम हुए जाल के लिए 4,000 रुपये की सहायता मिल सकती है।
चारे और तालाब के लिए भी मदद
बाढ़ के बाद छोटे और सीमांत मत्स्य किसानों को मछलियों के चारे के लिए 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। वहीं क्षतिग्रस्त तालाब और मत्स्य फार्म को दोबारा तैयार करने के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान है।
हालांकि, इसका लाभ उन्हीं पात्र लोगों को मिलेगा जिन्हें उसी नुकसान के लिए किसी दूसरी सरकारी योजना से सब्सिडी या सहायता नहीं मिली है। मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की एकमुश्त सब्सिडी को इस नियम से अलग रखा गया है।
लाभ और आवेदन से जुड़ी जानकारी के लिए मछुआरे अपने जिले के जिला मत्स्य पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। संबंधित विभागीय वेबसाइटों पर भी योजना की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
.png)
0 comments:
Post a Comment