शिक्षकों से भी लिए जाएंगे सुझाव
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी जल्द ही अपनी अगली बैठक करेगी। इसमें शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी राय भी ली जाएगी। प्राप्त सुझावों को कमेटी की अनुशंसा में शामिल किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।
वित्त विभाग से भी होगी चर्चा
वेतन संरचना लागू करने में कितनी राशि की जरूरत होगी, इसका आकलन भी किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग और अन्य संबंधित विभागों से विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार यह भी तय करेगी कि अतिरिक्त वित्तीय भार की व्यवस्था किस स्रोत से की जाए।
लंबे समय से उठ रही है मांग
बिहार में वित्तरहित शिक्षा नीति लागू होने के बाद से संबद्धता प्राप्त कई शिक्षण संस्थानों में वेतन का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। अब कमेटी की प्रक्रिया आगे बढ़ने से इन संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर वेतन मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

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