इस योजना के तहत कुल 9,685 लाभार्थियों को राज्य के साथ-साथ देश के प्रमुख मत्स्य प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के लिए 332 बैच निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक और नई मत्स्य पालन विधियों की जानकारी दी जाएगी, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी सुधार हो सके। प्रशिक्षण के लिए निबंधन शुल्क के अलावा लाभार्थियों से कोई अन्य राशि नहीं ली जाएगी।
अब तक 70 हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 70,221 मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें 52,485 लोगों ने राज्य के संस्थानों में और 17,726 ने राज्य के बाहर प्रशिक्षण लिया है। इसके अलावा 47,409 से अधिक मत्स्य पालकों को भ्रमण-दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आर्द्रभूमि और बायोफ्लॉक जैसी आधुनिक इकाइयों की जानकारी भी दी गई है।
बढ़ रहा बिहार का मछली उत्पादन
बिहार में मत्स्य उत्पादन में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में राज्य का मछली उत्पादन 9.69 लाख टन था, जो 2025-26 में बढ़कर 10.28 लाख टन हो गया। सरकार के अनुसार नए जल क्षेत्रों, तालाबों और आधुनिक सुविधाओं के विकास से मत्स्य पालन को विस्तार मिल रहा है। इसी दिशा में हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में नए जल संसाधन और तालाब विकसित किए गए हैं।

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