अमेरिकी खुफिया तंत्र में मची थी हलचल?
मिशन शक्ति को लेकर हाल में पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी डेविड ग्रश ने पॉडकास्ट में अपना अनुभव साझा किया। उनके मुताबिक, जब भारत के A-SAT परीक्षण की जानकारी सामने आई तो अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को इसकी पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उस समय अमेरिकी नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस (NRO) के ऑपरेशन सेंटर में अधिकारी तेजी से जानकारी जुटाने और सैटेलाइट से बने मलबे की स्थिति का आकलन करने में लग गए थे।
भारत के लिए क्यों खास था मिशन?
आपको बता दें की मिशन शक्ति की सफलता ने भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष-रक्षा तकनीक को प्रदर्शित किया। सरकार के अनुसार यह पूरा प्रयास स्वदेशी तकनीक पर आधारित था और इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में मौजूद भारतीय संपत्तियों की सुरक्षा की क्षमता दिखाना था।
इस परीक्षण के बाद अंतरिक्ष में मलबे को लेकर भी चर्चा हुई। भारत ने कम ऊंचाई पर परीक्षण करने का विकल्प चुना था, ताकि उत्पन्न मलबा अपेक्षाकृत कम समय में वायुमंडल में वापस आ सके। वहीं, भारत की इस ताकत ने दुनिया को हैरान कर दिया।

0 comments:
Post a Comment