मिनिमम बैलेंस नहीं रखा तो कटेंगे पैसे? सेविंग अकाउंट पर RBI का नियम और बैंक चार्ज

नई दिल्ली। बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाते समय ग्राहकों को कई बार खाते में एक निश्चित रकम बनाए रखने के लिए कहा जाता है। इसे मिनिमम बैलेंस या एवरेज मंथली बैलेंस कहा जाता है। तय बैलेंस नहीं रखने पर कुछ बैंक नॉन-मेंटेनेंस चार्ज ले सकते हैं, लेकिन यह नियम हर बैंक और अकाउंट पर लागू नहीं होता।

RBI का क्या है नियम?

RBI के अनुसार, खाता खोलते समय बैंक को ग्राहक को मिनिमम बैलेंस की जरूरत और बैलेंस कम होने पर लगने वाले शुल्क की जानकारी देनी होती है। अगर खाते में निर्धारित राशि से कमी होती है, तो बैंक को ग्राहक को SMS, ई-मेल या पत्र के जरिए इसकी सूचना देनी चाहिए।

ग्राहक को कमी पूरी करने के लिए कम से कम 1 महीने का समय देना जरूरी है। साथ ही, चार्ज खाते में हुई बैलेंस की कमी के अनुपात में होना चाहिए। केवल मिनिमम बैलेंस न रखने के शुल्क की वजह से सेविंग अकाउंट का बैलेंस निगेटिव नहीं किया जा सकता।

SBI में कितना चार्ज?

SBI की जानकारी के मुताबिक, सामान्य सेविंग अकाउंट में एवरेज मंथली बैलेंस नहीं रखने पर 11 मार्च 2020 से पेनल्टी नहीं ली जाती। SBI का Basic Savings Bank Deposit Account यानी BSBDA भी जीरो मिनिमम बैलेंस की सुविधा देता है।

PNB में क्या है नियम?

PNB के जनरल सेविंग अकाउंट में ब्रांच के क्षेत्र के अनुसार मिनिमम एवरेज बैलेंस अलग है। ग्रामीण क्षेत्र में ₹500, अर्ध-शहरी में ₹1,000, जबकि शहरी और महानगरीय शाखाओं में ₹2,000 का मिनिमम एवरेज बैलेंस बताया गया है। हालांकि, बैंक की मौजूदा जानकारी के अनुसार इसे मेंटेन नहीं करने पर पेनल्टी चार्ज नहीं लिया जाता।

जीरो बैलेंस अकाउंट भी विकल्प

अगर हर महीने खाते में तय रकम रखना मुश्किल है, तो ग्राहक BSBDA जैसे जीरो-बैलेंस खाते की जानकारी ले सकते हैं। इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती।

ध्यान रखें कि बैंक और अकाउंट के प्रकार के हिसाब से मिनिमम बैलेंस, ट्रांजैक्शन लिमिट और अन्य सर्विस चार्ज अलग हो सकते हैं। इसलिए खाता खोलने या बदलने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू शुल्क जरूर जांचें।

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