इससे विद्यार्थियों को भोजन में विविधता मिलने के साथ उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस पहल का लाभ परिषदीय समेत योजना के दायरे में आने वाले अन्य सरकारी विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा। नई व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसकी शुरुआत 6 नवंबर से निर्धारित की गई है।
बच्चों को हर महीने 5 दिन मिलेगा अतिरिक्त भोजन
नई व्यवस्था के तहत बच्चों को महीने के अलग-अलग सप्ताह में हलवा और उपमा दिया जाएगा। महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में सूजी का मीठा हलवा परोसा जाएगा, जबकि दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में नमकीन उपमा मिलेगा। इस तरह विद्यार्थियों को हर महीने पांच दिन अतिरिक्त पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बेहतर पोषण देना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में मदद करना है। नियमित भोजन के साथ इन व्यंजनों को शामिल करने से बच्चों को स्कूल में अलग-अलग तरह का खाना भी मिलेगा।
भोजन की गुणवत्ता पर रखी जाएगी नजर
योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए मां समूहों, विद्यालय प्रबंध समितियों और संबंधित टास्क फोर्स को जिम्मेदारी दी गई है। इनकी मदद से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चों को निर्धारित समय पर अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन मिले।
दरअसल, यूपी सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ अतिरिक्त व्यंजन मिलेंगे। इससे बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने और स्कूलों में भोजन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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