बिहार में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान, किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तीसरा चरण शुरू किया है। यह अभियान 2 फरवरी से 6 फरवरी तक चलेगा और इस दौरान पूरे राज्य में मिशन मोड में किसानों का पंजीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाना है।

नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन का मौका

महाअभियान के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और वसुधा केंद्रों पर पंजीकरण पूर्णतः मुफ्त कराया जाएगा। पहले जहां इसके लिए 15 रुपये सेवा शुल्क लिया जाता था, अब वह शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है।

फार्मर आईडी से सीधे लाभ

पंजीकरण होने के बाद किसानों को फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से वे कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समय पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजनाओं का फायदा सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम पर भूमि की जमाबंदी होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के लिए किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार या राजस्व विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी सीएससी या वसुधा केंद्र पर जाकर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।

वास्तविक किसानों तक मदद पहुंचेगी

महाअभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में चल रही सभी कृषि कल्याण योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसानों तक सीधे पहुंचे। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल बिहार के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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