इस डिजिटल तारामंडल से छात्रों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं को आधुनिक खगोलीय शिक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्रशिक्षण मिलेगा। इससे बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
अन्य तकनीकी पहलों पर जोर
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल में राजकीय पॉलीटेक्निक के निर्माण के लिए 73.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसका निर्माण भी 2026-27 में शुरू किया जाएगा। पटना में एनआइटी के परिसर में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, लीगल सपोर्ट और बिजनेस नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस परियोजना के लिए 47.76 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
नवीनतम तकनीकी पाठ्यक्रम
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, नेटवर्किंग, सिविल इंजीनियरिंग विथ कंप्यूटर एप्लीकेशन, थ्रीडी एनिमेशन और ग्राफिक्स जैसी नई-नई तकनीकी विद्याओं में भी स्नातक स्तर पर शिक्षा दी जा रही है।
इन पहलों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान से लैस करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और कौशल के साथ कर सकें। डिजिटल तारामंडल और इनक्यूबेशन सेंटर से बिहार के युवाओं के लिए शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
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