इन मॉडल स्कूलों में छात्रों को निजी स्कूल के स्तर जैसी पढ़ाई मिलेगी और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से वे घर पर भी मोबाइल या लैपटॉप से पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे। इससे शिक्षा का स्तर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर होगा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से सीखने का अवसर मिलेगा।
साथ ही, बजट में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले जाना नहीं पड़ेगा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
ग्रामीण इलाकों में स्थानीय उत्पादों और कृषि को बढ़ावा देने के लिए नए बाजारों का निर्माण किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी और उनकी आमदनी बढ़ेगी। शहरी क्षेत्रों के लिए भी बजट में पेयजल, सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को लागू करने की योजना है। अरवल नगर परिषद में इन व्यवस्थाओं की कमी थी, जिसे अब दूर किया जाएगा। शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा।
इसके अलावा, प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना की जाएगी। इन सेंटरों में युवाओं को विभिन्न हुनर सिखाए जाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या कम होगी। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने बजट की इन घोषणाओं का स्वागत किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में यह कदम जिले के विकास के लिए अहम माना जा रहा है।

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