यूपी में ऑटो-टैक्सी वालों को खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और मालवाहक वाहन चालकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। परिवहन विभाग द्वारा लागू की गई नई कर व्यवस्था का मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाना है। 

बता दें की इस बदलाव से जहां पुराने वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं बिना नियमों के वाहन चलाने वालों पर सख्ती भी बढ़ेगी। यह संशोधन उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान कानून के तहत किया गया है और फरवरी 2026 तक इसे पूरी तरह प्रभावी माना जा रहा है।

नए वाहनों के लिए साफ और तय टैक्स दरें

नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टैक्स दरें स्पष्ट रूप से तय कर दी गई हैं। टैक्स की गणना वाहन की क्षमता और उपयोग के आधार पर की जाएगी, जिससे किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। इन दरों से नए वाहन मालिकों को टैक्स भरने में आसानी होगी और बार-बार गणना या विभागीय चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नई दरों के अनुसार:

3000 किलोग्राम तक की क्षमता वाले मालवाहक वाहन पर 3 प्रतिशत टैक्स

3000 से 7500 किलोग्राम तक की क्षमता वाले मालवाहक वाहन पर 6 प्रतिशत टैक्स

निर्माण कार्य या विशेष प्रयोजन वाले वाहन पर 6 प्रतिशत टैक्स

पुराने वाहनों को मिली बड़ी छूट

सरकार ने सबसे बड़ी राहत पुराने ऑटो, टैक्सी और छोटे मालवाहक वाहनों के मालिकों को दी है। नई नीति के तहत पुराने वाहनों पर अधिकतम 75 प्रतिशत तक टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है। यह छूट वाहन की उम्र के आधार पर दी जाएगी। हर साल लगभग 8 प्रतिशत तक की राहत मिलेगी, लेकिन कुल छूट 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। इससे लंबे समय से वाहन चला रहे छोटे ड्राइवर, स्वरोजगार करने वाले लोग और छोटे कारोबारी काफी हद तक आर्थिक दबाव से मुक्त हो सकेंगे।

बिना परमिट चलाने पर अब सख्ती

जहां एक ओर सरकार ने राहत दी है, वहीं नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए हैं। अब अगर कोई टैक्सी, ऑटो या मालवाहक वाहन बिना वैध परमिट के चलता पाया गया, तो उस पर पांच गुना जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना वाहन के निर्धारित टैक्स का पांच गुना होगा। पहले की तुलना में यह काफी सख्त प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य अवैध परिवहन पर रोक लगाना, नियमों का पालन करने वाले चालकों की सुरक्षा करना और राज्य के राजस्व को मजबूत करना है।

पारदर्शिता और व्यवस्था की ओर कदम

परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इस नई टैक्स नीति से: टैक्स चोरी पर रोक लगेगी, परिवहन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, पुराने वाहनों को चलाना आसान होगा, छोटे ऑपरेटरों को खर्चों में राहत मिलेगी। साथ ही, नए निवेशकों को भी स्पष्ट नियमों का लाभ मिलेगा, जिससे वे बिना असमंजस के परिवहन व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।

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