यूपी में 'शिक्षकों' के लिए बड़ा अपडेट, निर्देश हुआ जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हजारों शिक्षकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। प्रदेश के परिषदीय और मान्यता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को अब छह माह का विशेष ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले से लगभग 32 हजार शिक्षक प्रभावित होंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

कौन शिक्षक होंगे इस कोर्स के लिए पात्र?

निर्देशों के अनुसार, यह ब्रिज कोर्स केवल उन्हीं शिक्षकों के लिए लागू होगा जो बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं, और मान्यता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं, और जिनके पास बीएड की डिग्री है। अन्य किसी श्रेणी के शिक्षक इस कोर्स के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।

छह महीने का होगा कोर्स, ऑनलाइन

यह प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (ब्रिज) कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), नई दिल्ली द्वारा संचालित किया जाएगा। कोर्स की अवधि छह महीने की होगी और इसे ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में कराया जाएगा, जिससे शिक्षक अपनी नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

पंजीकरण की अंतिम तिथि और प्रक्रिया

ब्रिज कोर्स के लिए इच्छुक और पात्र शिक्षकों को 20 फरवरी तक पंजीकरण कराना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए शिक्षकों को NIOS के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। पंजीकरण के लिए वेबसाइट: http://bridge.nios.ac.in

जिला अधिकारियों को भी दिए गए निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में कार्यरत पात्र शिक्षकों को समय रहते इस अनिवार्य ब्रिज कोर्स की जानकारी दें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य शिक्षक पंजीकरण से वंचित न रह जाए।

बीएड शिक्षकों को क्यों जरूरी है ब्रिज कोर्स?

शिक्षा विभाग का मानना है कि प्राथमिक स्तर की शिक्षण आवश्यकताओं को मजबूत करने और शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए यह ब्रिज कोर्स जरूरी है। इससे बीएड पृष्ठभूमि वाले शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षा की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सकेगा।

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