मशरूम उत्पादन को बढ़ावा:
बागवानी विभाग न केवल मशरूम उगाने के लिए वित्तीय मदद दे रहा है, बल्कि किसानों को सही तरीके से उत्पादन की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। यह पहल विशेष रूप से जहानाबाद जिले में सफल साबित हो रही है, जहां बड़े पैमाने पर मशरूम उत्पादन शुरू हो चुका है। जिले में स्पॉन (बीज) से लेकर उत्पादन तक की पूरी व्यवस्था स्थापित की गई है। कई किसान अब इससे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
मशरूम उत्पादन का स्ट्रक्चर:
जहानाबाद जिला उद्यान कार्यालय में कार्यरत सहायक निदेशक उद्यान रूपेश कुमार अग्रवाल के अनुसार, बटन मशरूम की मांग सबसे ज्यादा है। इसके उत्पादन के लिए वातानुकूलित स्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। मुख्य रूप से तीन प्रकार के स्ट्रक्चर की जरूरत होती है:
1 .मशरूम स्पॉन लैब – बीज उत्पादन के लिए
2 .कंपोस्ट यूनिट – खाद तैयार करने के लिए
3 .वातानुकूलित मशरूम उत्पादन इकाई – अंतिम उत्पादन के लिए
कितनी मिलेगी सब्सिडी:
तीनों स्ट्रक्चर की कुल लागत लगभग 80 लाख रुपए आती है। सरकार की ओर से बैंक एंडेड सब्सिडी के तहत किसान को 32 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाता है। विवरण इस प्रकार है:
1 .मशरूम स्पॉन लैब: कुल लागत 20 लाख, 40% सब्सिडी यानी 8 लाख रुपए
2 .कंपोस्ट यूनिट: कुल लागत 30 लाख, सब्सिडी 12 लाख रुपए
3 .वातानुकूलित उत्पादन इकाई: कुल लागत 30 लाख, सब्सिडी 12 लाख रुपए

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