भारत ने 1 जनवरी, 2026 से BRICS का नेतृत्व ग्रहण किया है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ पांच नए सदस्य भी शामिल हैं। लावरोव ने इंटरव्यू में कहा कि भारत की अध्यक्षता में ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों पर विशेष बल दिया जा रहा है, और रूस इन पहलों का समर्थन करेगा।
आतंकवाद विरोधी उपायों को प्राथमिकता
लावरोव ने बताया कि भारत पाकिस्तान-अफगानिस्तान-भारत सीमा क्षेत्र समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी उपायों पर विशेष ध्यान दे रहा है। रूस संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत के साथ मिलकर वैश्विक आतंकवाद विरोधी सम्मेलन को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा।
ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा पर जोर
भारत ने BRICS अध्यक्षता में ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। लावरोव ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान और ठोस परिणाम सामने आएंगे। इसके अलावा, भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेगा, जिसमें रूस को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में AI के उपयोग और सुरक्षा मानदंड स्थापित करने पर चर्चा होगी।
संप्रभुता और पारदर्शिता पर जोर
रूस ने स्पष्ट किया कि BRICS सदस्य राज्यों की संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। लावरोव ने कहा कि पारदर्शिता महत्वपूर्ण है, लेकिन कोई भी बाहरी दबाव या केंद्रीकृत नियंत्रण स्वीकार्य नहीं होगा।
BRICS की स्थिरता-अर्थव्यवस्था
लावरोव ने कहा कि भारत की अध्यक्षता पिछली BRICS अध्यक्षताओं की निरंतरता को बनाए रखती है। रूस ने 2024 में अपनी अध्यक्षता में वैश्विक आर्थिक प्लेटफॉर्म और वैकल्पिक तंत्रों को मजबूत किया था। भारत के नेतृत्व में इन पहलों को और उन्नत किया जा रहा है।

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