कॉरिडोर की लंबाई और रूट
यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 750 किलोमीटर लंबा होगा और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक जाएगा। पटना इस रूट का अहम हिस्सा होगा। परियोजना के तहत मार्च में नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से सर्वे कमेटी का गठन किया जाएगा। अप्रैल से फिजिकल और हवाई सर्वे का काम शुरू होगा ताकि मार्ग का सर्वाधिक सुरक्षित और कुशल एलाइनमेंट तय किया जा सके।
यात्रा का समय घटेगा
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बन जाने से वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर सिर्फ 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी तय करने में ट्रेन से 12 से 15 घंटे लगते हैं। इसके साथ ही बिहार के कई प्रमुख शहर जैसे बक्सर, आरा, पटना, मनेर, मोकामा, कटिहार और किशनगंज इस परियोजना से सीधे जुड़े रहेंगे।
तकनीकी और सुरक्षा पहल
पटना शहर में 15-20 किलोमीटर के दायरे में नए बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाए जाने की योजना है। घनी आबादी वाले इलाकों में एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक को बुलेट प्रूफ ग्लास से ढका जाएगा, जिससे शोर और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।
पटना-दिल्ली सफर भी आसान
विशेषज्ञों का अनुमान है कि बुलेट ट्रेन पटना से दिल्ली का सफर करीब 3 घंटे में पूरा करेगी। फिलहाल हवाई मार्ग से यह यात्रा डेढ़ से दो घंटे में होती है, लेकिन कोहरे और मौसम की परिस्थितियों में समय बढ़कर 4-5 घंटे तक हो सकता है। बुलेट ट्रेन का किराया विमान के बराबर रहने की संभावना है, जिससे यात्रियों को एक और तेज़ और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

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