पैक्स सिलिका पहल में भारत की भागीदारी
पैक्स सिलिका पहल, जिसे अमेरिका ने दिसंबर 2025 में लॉन्च किया था, एक रणनीतिक योजना है। इसका मकसद सुरक्षित और नवाचार-आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना है, जिसमें सेमीकंडक्टर, एआई अवसंरचना, उन्नत निर्माण और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।
इस पहल में पहले से ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजराइल, सिंगापुर, यूएई और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं। अब अमेरिका ने भारत को भी इस वैश्विक नेटवर्क में जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। हेलबर्ग ने कहा कि भारत युवा और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित प्रतिभा के मामले में दुनिया में अग्रणी देशों में शामिल है और यह चीन को टक्कर दे सकता है। भारत के खनन और प्रसंस्करण संचालन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ रही मजबूती
हेलबर्ग ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में सकारात्मक गति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मजबूत संबंध इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
व्यापार समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर
भारत और अमेरिका ने आपसी लाभ के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर भी सहमति बनाई है। यह कदम दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी रिश्तों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा और नवाचार में भी अहम भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस पहल में शामिल होने की संभावित घोषणा चीन को चौंकाने वाली साबित हो सकती है, क्योंकि यह तकनीकी और रणनीतिक रूप से अमेरिका-भारत संबंधों को और मजबूत करेगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment