गन्ने का सुनहरा दौर आएगा
भोजपुर में गन्ने की खेती का सुनहरा दौर लौट सकता है। कभी जिले में 40 हजार एकड़ में गन्ने की पैदावार होती थी, लेकिन बिहिया चीनी मिल के बंद होने के बाद यह खेती लगभग खत्म हो गई थी। नई चीनी मिल के शुरू होने से गन्ने की खेती का क्षेत्र 80 हजार एकड़ तक बढ़ सकता है। वर्तमान में पारंपरिक फसल से एक बीघा में किसान 18 से 25 हजार रुपये तक कमा पाते हैं, लेकिन गन्ने की खेती शुरू होने पर उनकी आमदनी दोगुनी या उससे भी ज्यादा हो सकती है।
रोजगार के नए अवसर
नई चीनी मिल के संचालन से जिले में करीब 2000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। 2006 में भी ऐसी योजना बनाई गई थी, लेकिन तब इसे लागू नहीं किया जा सका। इस बार सरकार और प्रशासन दोनों इस मामले में गंभीर हैं।
किसानों को लाभ
सरकार ने इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई गई है। इस मिल के बनने से किसानों को अब गन्ना बेचने के लिए अन्य बाजारों तक भटकना नहीं पड़ेगा। वर्तमान में भोजपुर के किसान केवल 35 एकड़ में गन्ने की खेती कर रहे हैं और उत्पादन का अधिकांश हिस्सा गुड़ बनाने में ही खर्च होता है। नई चीनी मिल आने से उन्हें न केवल उच्च दाम मिलेंगे, बल्कि खेती के आधुनिक संसाधन और तकनीक भी उपलब्ध होंगे।
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