कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल से इस प्रस्ताव को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सैप में करीब 1700 जवान कार्यरत हैं, जबकि अब स्वीकृत संख्या बढ़ाकर लगभग 17 हजार कर दी गई है। यह बहाली वित्तीय वर्ष 2026-27 में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
किन पदों पर होगी बहाली
नई स्वीकृति के तहत सैप बल में विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल किए गए हैं। इनमें 150 जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO), 16,300 सैप जवान, 550 रसोइया शामिल हैं। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर बढ़ेंगे।
अनुबंध पर होगी नियुक्ति
विभाग का कहना है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में नियमित सिपाही प्रशिक्षण में हैं, जिसके चलते जमीनी स्तर पर बल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सैप जवानों की संख्या बढ़ाकर उन्हें अनुबंध पर तैनात करने का फैसला लिया गया है, ताकि आवश्यकता के अनुसार तुरंत सेवाएं प्राप्त की जा सकें।
भर्ती नियमों में बदलाव
अब तक सैप बल में केवल भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवानों को ही अनुबंध पर लिया जाता था। सरकार ने इस नियम में बदलाव करते हुए सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों को भी सैप में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इससे योग्य और अनुभवी कर्मियों का दायरा और व्यापक हो जाएगा।
30 हजार तक मानदेय
मानदेय को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तय वृद्धि दर के अनुसार जेसीओ को 35 हजार रुपये प्रतिमाह, सैप जवानों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह, जबकि रसोइयों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा।
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