कृषि की मजबूत पकड़
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की जीएसडीपी में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017-18 में जहां कृषि का योगदान 24 प्रतिशत था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर लगभग 25 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में खेती की भूमिका पहले से अधिक अहम हुई है।
खाद्यान्न उत्पादन में यूपी अव्वल
खाद्यान्न उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। सर्वेक्षण के मुताबिक, प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 737 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच चुका है। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश देश का अग्रणी कृषि राज्य बनकर उभरा है।
किसानों को खेती से बढ़ी आमदनी
कृषि उत्पादकता में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। प्रति हेक्टेयर फसलों से होने वाला सकल मूल्यवर्धन पिछले कुछ वर्षों में लगभग दोगुना हुआ है। इसके साथ ही तिलहन जैसी फसलों के क्षेत्रफल में कई गुना विस्तार हुआ है, जो फसल विविधीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पशुपालन और मत्स्य पालन में नई ऊंचाई
पशुपालन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी सबसे अधिक है और उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं मत्स्य पालन में बीते सात वर्षों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। अंडा उत्पादन में भी प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है, जिससे ग्रामीण आय के नए स्रोत बने हैं।
सीड पार्क और फूड प्रोसेसिंग से बदलेगी तस्वीर
सरकार प्रदेश को कृषि आधारित उद्योगों का केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में सीड पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। साथ ही उत्तर प्रदेश तेजी से फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभर रहा है, जहां हजारों इकाइयों के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
प्रदेश के किसानों को कल्याण योजनाओं से मिली राहत
पीएम किसान सम्मान निधि, सोलर पंप योजना, फसली ऋण वितरण और सिंचाई क्षेत्र के विस्तार जैसी योजनाओं से करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिला है। सिंचित भूमि के विस्तार से खेती अधिक सुरक्षित और उत्पादक हुई है, वहीं उर्वरकों की समय पर उपलब्धता ने उत्पादन बढ़ाने में मदद की है।
सरकार ने 2047 तक किसानों की आय तीन गुना करने का लक्ष्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2047 तक किसानों की आय को तीन गुना करना, कृषि का व्यापक मशीनीकरण, फसल सघनता बढ़ाना और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना प्रमुख लक्ष्य हैं। इसके लिए तकनीक, निवेश और नवाचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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