मौजूदा स्थिति और सुधार की जरूरत
अभी EPFO में ₹15,000 तक और ESIC में ₹21,000 तक वेतन सीमा है। EPS योजना के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रतिमाह है। कर्मचारी संगठन और ट्रेड यूनियन लंबे समय से इन सीमाओं को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके और महंगाई के दौर में आर्थिक सहारा सुनिश्चित हो।
उद्योग और सरकार के लिए संतुलन
सिस्टम में सुधार को लेकर उद्योग और कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है। ट्रेड यूनियन अधिक सुधार की मांग करती है, जबकि उद्योग लागत बढ़ने को लेकर सतर्क है। सरकार ऐसे समाधान पर काम कर रही है जो कर्मचारियों के हित के साथ-साथ उद्योग के लिए भी संतुलित हो।
नए लेबर कोड्स से आएगी सुविधा
Code on Wages, 2019 और Social Security Code, 2020 के तहत मजदूरों की सुरक्षा बढ़ेगी और पुराने नियमों की जगह व्यापक सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार होगा। राष्ट्रीय फ्लोर वेज लागू होने से न्यूनतम मजदूरी का मानक पूरे देश में तय होगा।
कर्मचारियों को मिलने वाला फायदा
अगर प्रस्ताव लागू होते हैं, तो करोड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। पेंशन बढ़ेगी, अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल होंगे और मजदूरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों के जीवन में स्थायी राहत और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

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