100 अंकों के पैमाने पर होगा मूल्यांकन
कैबिनेट सचिवालय की ओर से शुरू की गई इस प्रणाली के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को 100 अंकों के पैमाने पर आंका जाएगा। मूल्यांकन में तय मानकों के आधार पर मेरिट के साथ-साथ लापरवाही को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इस स्कोरकार्ड में कई पैरामीटर तय किए गए हैं, जिनके जरिए यह देखा जाएगा कि अधिकारी अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कितनी प्रभावशीलता से कर रहे हैं।
देरी खत्म करने की दिशा में पहल
सरकार का मानना है कि इस नए मूल्यांकन तंत्र से सरकारी कामकाज में होने वाली देरी पर लगाम लगेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी कई बार प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति लाने और फाइलों के अनावश्यक लंबित रहने पर चिंता जता चुके हैं। इसी सोच के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है, जिससे नागरिकों, व्यवसायों और स्टार्टअप्स को लाइसेंस, परमिशन और ग्रांट जैसी सेवाएं समय पर मिल सकें।
ये होंगे मूल्यांकन के प्रमुख मानदंड
नए स्कोरकार्ड में फाइल निपटान को सबसे अधिक महत्व दिया गया है, जिसके लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा विभागीय आउटपुट और गतिविधियों को 15 अंक तथा योजनाओं और कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर खर्च को भी 15 अंकों का वेटेज दिया गया है। अन्य मानकों में जन शिकायतों का समाधान, कैबिनेट नोट तैयार करने की गुणवत्ता, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के तहत चल रही परियोजनाओं की समय पर पूर्ति, और वित्तीय बिलों की समयबद्ध मंजूरी जैसे बिंदु शामिल हैं।
नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान
इस रिपोर्ट कार्ड की खास बात यह है कि इसमें नेगेटिव मार्किंग का भी सिस्टम रखा गया है। कुल 12 नकारात्मक अंक ऐसे मामलों में दिए जा सकते हैं, जहां विदेशी दौरों या आयोजनों पर अनावश्यक खर्च हुआ हो, सचिव स्तर पर फाइलें लंबे समय तक लंबित रही हों या माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को भुगतान में देरी हुई हो।
असाधारण काम के लिए बोनस अंक
इसके साथ ही 5 डिस्क्रेशनरी अंक का प्रावधान भी किया गया है। ये अंक कैबिनेट सचिव द्वारा किसी विभाग या सेक्रेटरी को उनके असाधारण कार्य, नवाचार या विशेष योगदान के लिए दिए जा सकते हैं।
पहला रिपोर्ट कार्ड जारी
कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2025 की अवधि के लिए तैयार किया गया पहला प्रशासनिक रिपोर्ट कार्ड जनवरी 2026 में सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों को भेज दिया है। इसे भविष्य में नियमित प्रक्रिया के रूप में अपनाए जाने की संभावना है।

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