यूपीवासियों के लिए 7 बड़ी खुशखबरी, जानकर करेंगे बल्ले-बल्ले!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में प्रदेश की पहली आर्थिक समीक्षा 2025-26 प्रस्तुत की। यह समीक्षा न सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज है, बल्कि बीते वर्षों में हुए आर्थिक बदलाव, विकास की दिशा और 25 करोड़ से अधिक नागरिकों की उम्मीदों को दर्शाती है। समीक्षा में प्रदेश की आर्थिक मजबूती और तेज़ विकास की साफ तस्वीर सामने आई है।

1. यूपी की अर्थव्यवस्था ने लगाई लंबी छलांग

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वर्ष 2016-17 में ₹13.30 लाख करोड़ की रही उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब 2024-25 में बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है। बीते आठ वर्षों में हुआ यह विस्तार प्रदेश के आर्थिक इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

2. निवेशकों का बदला रुख, यूपी बना पसंदीदा राज्य

कभी निवेशकों की सूची में पीछे रहने वाला उत्तर प्रदेश अब औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पारदर्शी नीतियों, तेज़ मंजूरियों और सुरक्षित माहौल के कारण अब तक प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर खोल रहे हैं।

3. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ी यूपी की हिस्सेदारी

देश की कुल अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान भी लगातार बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में जहां यह हिस्सेदारी 8.6 प्रतिशत थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 9.1 प्रतिशत हो गई है। इससे प्रदेश की बढ़ती आर्थिक भूमिका साफ झलकती है।

4. प्रति व्यक्ति आय में भी ऐतिहासिक सुधार

स्वतंत्रता के बाद पहली बार प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय के गिरते रुझान पर ब्रेक लगा है। 2016-17 में ₹54,564 रही प्रति व्यक्ति आय 2024-25 में बढ़कर ₹1,09,844 हो गई है। आने वाले वित्त वर्ष 2025-26 में इसके ₹1.20 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।

5. कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में विकास

समीक्षा बताती है कि प्रदेश की जीएसडीपी में अब तीनों क्षेत्रों का संतुलित योगदान है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत, उद्योग की 27.2 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की 47 प्रतिशत रही। यह संकेत है कि यूपी की अर्थव्यवस्था बहुआयामी बन रही है।

6. बजट आकार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

प्रदेश के बजट आकार में भी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। 2016-17 में ₹3.47 लाख करोड़ का बजट अब 2025-26 में अनुमानित ₹8.33 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह वृद्धि विकास योजनाओं को नई गति देने वाली है।

7. वित्तीय अनुशासन और राजस्व में मजबूती

आर्थिक समीक्षा में उत्तर प्रदेश को वित्तीय अनुशासन का उदाहरण बताया गया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात घटा है और राज्य का कर राजस्व भी ढाई गुना बढ़कर ₹2.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इससे प्रदेश की आर्थिक सेहत और मजबूत हुई है।

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