बंगाल में खिलेगा कमल? BJP की तैयारी जोरों पर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी चुनावों को देखते हुए जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी इस महीने के अंत तक अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की योजना बना रही है, लेकिन उससे पहले वह सीधे जनता से सुझाव लेने में जुट गई है। 

बीजेपी ने राज्यभर में एक विशेष राय संग्रह अभियान की शुरुआत की है, जो 18 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान का मकसद जनता की अपेक्षाओं, समस्याओं और प्राथमिकताओं को समझना बताया जा रहा है।

43 संगठनात्मक जिलों में चल रहा अभियान

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के अनुसार, पार्टी चाहती है कि उसका संकल्प पत्र केवल नेताओं या रणनीतिकारों की सोच पर आधारित न हो, बल्कि आम लोगों की राय उसमें साफ झलके। इसी उद्देश्य से राज्य के 43 संगठनात्मक जिलों में अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए करीब 10 हजार सुझाव पत्र छपवाए गए हैं और राज्य के लगभग 1,000 प्रमुख स्थानों पर ड्रॉप बॉक्स लगाए गए हैं, जहां लोग अपने विचार और सुझाव डाल सकते हैं।

बीरभूम से हुई शुरुआत, अब कई जिलों में 

इस अभियान की औपचारिक शुरुआत बीरभूम जिले के गणपुर इलाके से हुई, जहां नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने एक जनसभा के दौरान ड्रॉप बॉक्स का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी घोषणापत्र बंद कमरे में नहीं बनाएगी, बल्कि जनता की भागीदारी से उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।  इसी तरह दक्षिण 24 परगना के गोसाबा में दिलीप घोष के कार्यक्रम के दौरान भी सुझाव बॉक्स लगाए गए। पुरुलिया और दुर्गापुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी बीजेपी नेता सड़कों और बाजारों में लोगों से सीधे संवाद करते नजर आए।

डिजिटल माध्यमों से भी लिए जाएंगे सुझाव

बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि केवल ड्रॉप बॉक्स ही नहीं, बल्कि QR कोड, ईमेल और टोल-फ्री नंबर के जरिए भी सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। पार्टी का दावा है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी बात रख सकेंगे और घोषणापत्र अधिक व्यापक और जन-केंद्रित बन सकेगा।

क्या है इसके राजनीतिक मायने?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का यह अभियान जनता से सीधे जुड़ने की कोशिश है, ताकि पार्टी अपनी खोई हुई जमीन वापस पा सके। वहीं विपक्ष इसे चुनावी रणनीति और प्रचार का हिस्सा बता रहा है।

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