पहली किस्त पूरी
योजना के पहले चरण में 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को 10 हजार रुपये की प्रारंभिक आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इसका मकसद महिलाओं को उनके छोटे-छोटे व्यवसाय या आत्मनिर्भर गतिविधियों के लिए शुरूआती पूंजी देना है।
अगले चरणों में बढ़ेगा फंड
योजना के अगले चार चरणों में प्रत्येक लाभार्थी को कुल दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। हालांकि, हर किस्त के साथ कुछ शर्तें जोड़ी गई हैं, ताकि महिलाएं केवल पैसे लेने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने व्यवसाय को विकसित करें और स्थायी आय के साधन तैयार करें।
दूसरी किस्त: खर्च का हिसाब और समूह से जुड़ाव
दूसरे चरण में 20 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इसके लिए महिलाओं को पहली किस्त के खर्च का प्रमाण दिखाना होगा। साथ ही, उन्हें स्वयं सहायता समूह की बैठकों में नियमित हिस्सा लेना और वित्तीय लेन-देन की बुनियादी जानकारी सीखना अनिवार्य होगा।
तीसरी किस्त: संपत्ति बीमा करना अनिवार्य किया गया
तीसरे चरण में 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए लाभार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण लेना होगा और अपने बिजनेस विस्तार की योजना अधिकारियों से अनुमोदन करानी होगी। इसके अलावा नियमित बचत, ऋण समय पर चुकाना और संपत्ति बीमा करना अनिवार्य शर्तें हैं।
चौथी किस्त: लाभ और स्थायी संपत्ति सुनिश्चित करना आवश्यक
चौथे चरण में 80 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके लिए पिछले तीन माह से व्यवसाय में लगातार लाभ अर्जित करना, स्थायी संपत्ति बनाना और मासिक बचत सुनिश्चित करना आवश्यक है।
अंतिम किस्त: इस क़िस्त में बाजार और आय से जुड़ाव का प्रमाण देना होगा।
पांचवें चरण में 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए महिलाओं को मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग योजना बनानी होगी। इसके साथ ही आय, संपत्ति में वृद्धि और स्थानीय-क्षेत्रीय बाजार से जुड़ाव का प्रमाण देना होगा।
आपको बता दें की इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाना है। इससे न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में सुधार होगा, बल्कि वे अपने परिवार और समुदाय के लिए स्थायी योगदान देने में सक्षम होंगी।

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