सरकार ने साफ कर दिया है कि पेंशन व्यवस्था में न तो कोई नया भेदभाव किया गया है और न ही पुराने व नए पेंशनर्स के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। पेंशन से जुड़ा पूरा ढांचा पहले की तरह ही लागू रहेगा।
रिटायरमेंट की तारीख पर कोई फर्क नहीं
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि Finance Act 2025 के जरिए पेंशनर्स के बीच रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर कोई नया अंतर नहीं किया गया है। केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन Central Civil Services (Pension) Rules, 2021 के तहत ही तय होती है और समय-समय पर जारी सरकारी निर्देश उसी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। सरकार ने यह भी बताया कि पेंशन में संशोधन आमतौर पर तब होता है जब किसी वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी जाती है। इसके बाद सभी पेंशनर्स पर समान रूप से लागू होने वाले सामान्य आदेश जारी किए जाते हैं।
Finance Act 2025 का असली उद्देश्य
सरकार के अनुसार Finance Act 2025 का मकसद पेंशन सिस्टम में कोई नई व्यवस्था लागू करना नहीं है। इस कानून के जरिए केवल उन मौजूदा नियमों और सिद्धांतों को कानूनी आधार दिया गया है, जिनके तहत भारत की संचित निधि से पेंशन का भुगतान किया जाता है। यानी पेंशन व्यवस्था की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
8वां वेतन आयोग और पेंशन की उम्मीदें
सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हो चुका है और उसका कार्यक्षेत्र तय कर दिया गया है। यह आयोग वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करेगा। प्रस्ताव के मुताबिक, आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।
क्या पुराने पेंशनर्स को मिलेगा लाभ?
कई पेंशनर्स यह जानना चाहते हैं कि 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन का लाभ मिलेगा या नहीं। सरकार ने संकेत दिया है कि पेंशन में किसी भी तरह का बदलाव आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। यह प्रक्रिया सभी पेंशनर्स के लिए समान होगी और किसी के साथ मनमाना व्यवहार नहीं किया जाएगा।

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