तेजी से आगे बढ़ रही है तैयारी
प्रशासन की ओर से इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे को जल्द जमीन पर उतारने की कवायद शुरू हो चुकी है। अधिसूचना जारी होते ही भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद किसानों से मिलने वाली आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर अंतिम अधिग्रहण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
39 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहीत
इस ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के लिए बुलंदशहर जिले के 39 गांवों की लगभग 677 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। इसमें करीब 8700 किसानों की जमीन शामिल है। भूमि अधिग्रहण पर अनुमानित खर्च लगभग 1500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि पूरी परियोजना की लागत करीब 4500 करोड़ रुपये होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को तय समय पर उचित मुआवजा दिया जाएगा।
पश्चिमी यूपी को मिलेगा सीधा फायदा
ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनने से गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुगम होगी। उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी, जिससे निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
किन इलाकों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जनपद की स्याना, बुलंदशहर, अनूपशहर, शिकारपुर और सिकंदराबाद तहसीलों से होकर गुजरेगा। खुर्जा तहसील के अमानुल्लापुर, इनायतपुर, कपना, भगवानपुर, हसनपुर, बीघेपुर, सनैता, भदौरा, वरतौली, खवरा, धरारी, दीनौल, खलसिया और विचौला जैसे गांव इसके दायरे में आएंगे।
वहीं बुलंदशहर तहसील के औरंगाबाद, हिंगथला, चरौरा, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकुलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी और पिपाला भी इस परियोजना से प्रभावित होंगे।
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