कूटनीति की जगह ‘दबंग रणनीति’
जेफरी सैक्स के मुताबिक, अमेरिकी विदेश नीति अब किसी जिम्मेदार वैश्विक नेतृत्व की तरह नहीं, बल्कि गैंगस्टर शैली में चलाई जा रही है। सत्ता परिवर्तन के अभियान, एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध और वित्तीय ताकत को हथियार बनाकर देशों को झुकाने की कोशिशें इसकी पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीति न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि छोटे और उभरते देशों की संप्रभुता पर भी सीधा हमला है।
भारत और BRICS से बड़ी उम्मीदें
जेफरी सैक्स ने विशेष रूप से भारत और BRICS देशों से आगे आने की अपील की है। उनके अनुसार, गैर-पश्चिमी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की रक्षा करनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि BRICS को अमेरिका की एकतरफा नीतियों का खुलकर विरोध करना चाहिए और वैश्विक शक्ति संतुलन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की कमजोर होती भूमिका
सैक्स ने चिंता जताई कि संयुक्त राष्ट्र धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है। उनका मानना है कि 1945 के बाद बनी वैश्विक व्यवस्था इसलिए खतरे में है क्योंकि बड़ी ताकतें अमेरिका की मनमानी के सामने एकजुट होकर खड़ी नहीं हो पा रही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी हालात पूरी तरह हाथ से नहीं निकले हैं, लेकिन अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अप्रासंगिक हो सकती हैं।
ट्रंप ने ‘छुपी नीति’ को सार्वजनिक कर दिया
डोनाल्ड ट्रंप के दौर को लेकर जेफरी सैक्स ने कहा कि ट्रंप ने वह बातें खुलकर कह दीं, जो पहले पर्दे के पीछे होती थीं। वेनेजुएला, ईरान या ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों पर दी गई धमकियां इस बात का संकेत हैं कि अमेरिकी विदेश नीति अब खुली दबंगई में बदल चुकी है। उनके मुताबिक, अब बाकी दुनिया के पास विकल्प है या तो चुप रहकर इस दबाव को स्वीकार करे, या फिर संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत इसका विरोध करे।
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