अब 300 दिन तक का मिलेगा पूरा लाभ
सरकारी आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्ति के समय किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों तक के अव्यवहृत अर्जित अवकाश के बदले नकद भुगतान मिलेगा। यह सीमा सभी परिस्थितियों पर समान रूप से लागू होगी, जिससे अब अलग-अलग विभागों में होने वाली असमानता समाप्त हो जाएगी।
सभी परिस्थितियों पर लागू होगा नियम
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि यह लाभ केवल सामान्य सेवानिवृत्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य स्थितियों में भी लागू होगा। इनमें शामिल हैं सामान्य सेवानिवृत्ति, प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS), चिकित्सा कारणों से सेवा समाप्ति, पुनर्नियुक्ति की स्थिति। इन सभी मामलों में अधिकतम सीमा 300 दिनों की ही रहेगी।
पुनर्नियुक्त कर्मचारियों के लिए विशेष नियम
सरकार ने पुनर्नियुक्त कर्मचारियों के लिए भी नियम स्पष्ट कर दिए हैं। ऐसे कर्मचारी जिन्होंने पहली सेवानिवृत्ति पर पहले ही कुछ दिनों का लीव एनकैशमेंट ले लिया है, उन्हें पुनर्नियुक्ति के बाद केवल शेष बची हुई सीमा के अनुसार ही भुगतान मिलेगा। यानी कुल मिलाकर किसी भी स्थिति में 300 दिनों से अधिक का लाभ नहीं दिया जाएगा। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और दोहरी भुगतान की संभावना खत्म होगी।
2005 से लागू होगा यह नया स्पष्टीकरण प्रक्रिया
इस आदेश को 1 अप्रैल 2005 से प्रभावी माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि पिछले कई वर्षों से लंबित मामलों को भी अब इस नए नियम के आधार पर निपटाया जाएगा। इससे पुराने विवाद और भ्रम समाप्त होने की उम्मीद है। इस फैसले से हजारों सेवानिवृत्त और कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
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