अभी कैसे मिलता है राशन?
फिलहाल अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलो अनाज दिया जाता है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या को आधार नहीं बनाया जाता। यानी किसी परिवार में कम सदस्य हों या ज्यादा, दोनों को तय मात्रा में ही राशन मिलता है। यही व्यवस्था कई बार बड़े परिवारों के लिए परेशानी का कारण बनती है। छोटे परिवारों में प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज पहुंच जाता है, जबकि ज्यादा सदस्यों वाले परिवारों में अनाज का हिस्सा कम पड़ सकता है।
नए प्रस्ताव में क्या बदलाव होगा?
केंद्र सरकार के ड्राफ्ट प्रस्ताव में AAY परिवारों के लिए व्यक्ति आधारित राशन व्यवस्था लाने की बात कही गई है। इसके तहत परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 7 किलो अनाज देने का सुझाव रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राशन वितरण में बराबरी आएगी और बड़े परिवारों को उनकी जरूरत के हिसाब से ज्यादा उचित लाभ मिल सकेगा।
35 किलो की अधिकतम सीमा रहेगी जारी
प्रस्ताव में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा 35 किलो प्रति माह ही रखी जा सकती है। यानी सदस्य संख्या के आधार पर गणना होगी, लेकिन कुल राशन की सीमा तय रहेगी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी परिवार में 3 सदस्य हैं तो प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 21 किलो अनाज बनता है, जबकि ज्यादा सदस्यों वाले परिवार को सीमा तक लाभ मिल सकता है।
सरकार क्यों बदलना चाहती है नियम?
सरकार के अनुसार इस बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। AAY योजना में मौजूद असमानता को कम करना। राशन वितरण को ज्यादा न्यायसंगत बनाना। लोगों की खाद्य और पोषण जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करना। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से राशन प्रणाली को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।
अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है
यह बदलाव अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट तैयार कर लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद ही संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा। अगर यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है तो इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) अधिनियम, 2026 के नाम से लागू किया जा सकता है। इसके लागू होने की तारीख केंद्र सरकार बाद में तय करेगी।

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