विभागों से मांगा गया कर्मचारियों का पूरा डेटा
8वें वेतन आयोग ने केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संस्थानों से कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसके लिए एक ऑनलाइन व्यवस्था तैयार की गई है, जिसके जरिए विभागों को तय समय सीमा के अंदर डेटा उपलब्ध कराना होगा। इस जानकारी में कर्मचारियों की संख्या, खाली पद, वेतन खर्च, भत्तों पर होने वाला खर्च और पेंशन से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं।
30 जून तक डेटा जमा करने का निर्देश
आयोग ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून तक जरूरी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध करा दें। डिजिटल प्रक्रिया अपनाने का उद्देश्य डेटा को जल्दी और व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा करना है, ताकि आगे की कार्रवाई में देरी न हो।
सैलरी का आधार बनेगा यह आंकड़ा
कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव और भत्तों में सुधार जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार को यह देखना होगा कि इन बदलावों से सरकारी खजाने पर कितना प्रभाव पड़ेगा। इसी वजह से आयोग के लिए कर्मचारियों और विभागों का वास्तविक डेटा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पेंशन और भविष्य की पर नजर
आयोग सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी पर ही नहीं, बल्कि पेंशन व्यवस्था और आने वाले खर्चों का भी आकलन करेगा। कितने कर्मचारी आने वाले वर्षों में रिटायर होंगे और पेंशन पर कितना अतिरिक्त भार पड़ेगा, इसका अनुमान भी तैयार किया जाएगा।
तीन चरणों मे आगे बढ़ रहा है काम
आयोग ने गठन के बाद अपनी प्रक्रिया को कई चरणों में आगे बढ़ाया है। पहले कर्मचारियों, आम लोगों और अन्य पक्षों से सुझाव लिए गए। इसके बाद कर्मचारी संगठनों से मांगों और प्रस्तावों पर जानकारी ली गई। अब सरकारी विभागों से वास्तविक आंकड़े जुटाने का काम चल रहा है।

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