आपको बता दें की इस योजना के जरिए पात्र पशुपालकों को डेयरी शुरू करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है। इसमें अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
इन नस्लों की गायों पर मिलेगा लाभ
योजना के तहत उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। इसमें गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा नस्ल की गायों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा। हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार ब्याने वाली होनी चाहिए। इससे बेहतर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
महिलाओं को दी जाएगी प्राथमिकता
सरकार ने इस योजना में महिला दुग्ध उत्पादकों और महिला गौपालकों के लिए विशेष व्यवस्था की है। कुल लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को पशुपालन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
प्रदेश के 75 जिलों में लागू है योजना
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की गई है। राज्य के सभी 75 जिलों के इच्छुक पशुपालक इसका लाभ ले सकते हैं। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पात्र लोग निर्धारित समय सीमा के अंदर आवेदन कर सकते हैं।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक गौपालकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया और जरूरी नियमों की जानकारी नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। पशुपालक किसी भी जानकारी के लिए अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी या संबंधित विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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