सरकार का फोकस उन किसानों पर है, जो पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी फसलों से अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं। योजना के तहत दो हेक्टेयर तक जमीन में पपीते की खेती करने वाले पात्र किसानों को मुफ्त पौधे दिए जाएंगे।
इन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना में बाराबंकी सहित प्रदेश के 17 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें लखनऊ, बहराइच, गोंडा, हरदोई, अमेठी, बस्ती, वाराणसी, जौनपुर, मेरठ और कौशांबी जैसे जिले शामिल हैं। किसानों को ऐसी किस्मों के पौधे मिलेंगे, जिनसे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। इनमें ताइवान रेड लेडी-786, पूसा नन्हा और कोर्ग हनीड्यू जैसी किस्में शामिल हैं।
पपीते की खेती से बढ़ सकती है कमाई
पपीता कम समय में तैयार होने वाली फसल है, इसलिए इसे किसानों के लिए फायदे वाली नकदी फसल माना जाता है। बाजार में इसकी मांग होने के कारण किसान इससे अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं। कई किसान पहले से पपीते की खेती करके अच्छा लाभ ले रहे हैं। अगर मौसम और देखभाल सही रहे तो यह फसल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
जुलाई से शुरू होगा अभियान
योजना के तहत जुलाई महीने से पौधरोपण शुरू करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान पपीते की खेती अपनाएं और प्रदेश में फल उत्पादन को बढ़ावा मिले।

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