यूपी सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ने के क्षेत्रफल का मिलान भू-राजस्व रिकॉर्ड से कराया जाएगा। इस प्रक्रिया से किसानों के गन्ना क्षेत्र से जुड़ी जानकारी को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की तैयारी है।

गन्ना विभाग ने इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है। प्रदेशभर में यह सत्यापन अभियान 20 जुलाई से 30 अगस्त तक चलाया जाएगा।

स्मार्ट पोर्टल की जानकारी का होगा मिलान

गन्ना विभाग के अनुसार, स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज कल्चरेबल लैंड एरिया (CLA) की जांच राजस्व अभिलेखों से की जाएगी। इससे गन्ना क्षेत्रफल की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और रिकॉर्ड में सुधार किया जा सकेगा। अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

शिकायत वाले क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर

पिछले वर्षों में जिन क्षेत्रों से गन्ना क्षेत्रफल को लेकर अधिक शिकायतें मिली थीं, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे स्थानों पर सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इससे किसानों से जुड़ी समस्याओं को कम करने और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जनप्रतिनिधियों से लिया जाएगा सहयोग

अभियान के दौरान गन्ना विकास समितियों के पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा।

गन्ना समितियों के कामकाज में भी पारदर्शिता

गन्ना समितियों और गन्ना विकास परिषदों के वित्तीय कामकाज को बेहतर बनाने के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था मजबूत की जा रही है। चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण और ऑडिट की रिपोर्ट अब ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसमें निरीक्षण की जानकारी, टिप्पणियां, फोटो और अन्य विवरण अपलोड किए जाएंगे।

किसानों को मिलेगा बेहतर सिस्टम का लाभ

सरकार का उद्देश्य गन्ना किसानों से जुड़ी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और आसान बनाना है। रिकॉर्ड सत्यापन और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था से किसानों को सही जानकारी और बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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