बिहार में DL के नियम बदले, जानिए लाइसेंस से जुड़ी 5 बड़ी बातें!

पटना। बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब लाइट मोटर व्हीकल (LMV) का ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए आवेदकों को मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण लेने का प्रमाण देना पड़ सकता है। सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। राज्य सरकार बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में संशोधन करने की तैयारी कर रही है, जिसके बाद नई व्यवस्था लागू होगी।

1. ड्राइविंग ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र होगा जरूरी

नए नियम के तहत एलएमवी लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को अधिकृत ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग पूरी करने का प्रमाणपत्र जमा करना होगा। इससे वाहन चलाने वालों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जा सकेगा।

2. सड़क हादसों में कमी लाने पर जोर

सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित चालक सड़क पर ज्यादा जिम्मेदारी से वाहन चलाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ड्राइविंग प्रशिक्षण को लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ने का फैसला किया गया है।

3. राज्य में बढ़ रहे हैं ट्रेनिंग सेंटर

परिवहन विभाग के अनुसार बिहार में कई मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग संस्थान काम कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ नए केंद्र भी तैयार किए जा रहे हैं, जहां आधुनिक तरीके से वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

4. चालकों के लिए नियमित प्रशिक्षण

सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकारी और निजी वाहन चालकों को भी सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी जा रही है।

5. लाइसेंस प्रक्रिया में आएगा बदलाव

इस नए नियम के लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिलेगा। परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि सड़क पर ऐसे चालक आएं, जिन्हें वाहन संचालन के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों की भी पूरी जानकारी हो। सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि वाहन चालकों की क्षमता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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