स्कूल खुलते ही बच्चों के स्वागत पर रहेगा जोर
विद्यालय खुलने के बाद शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों का बेहतर तरीके से स्वागत करें। गर्मी को देखते हुए छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि स्कूल का माहौल बच्चों के लिए सकारात्मक और सीखने के अनुकूल होना चाहिए।
ड्रॉपआउट कम करने की तैयारी तेज
शिक्षा विभाग अब स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण पर भी फोकस करेगा। इसके तहत स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान कर उनका दोबारा नामांकन कराया जाएगा। कक्षा 5 से कक्षा 6 में जाने वाले छात्रों की पढ़ाई में रुकावट न आए, इसके लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। साथ ही पढ़ाई में पीछे रह गए बच्चों के लिए अतिरिक्त शिक्षण व्यवस्था पर भी जोर दिया जाएगा।
निपुण भारत मिशन को मिलेगा विस्तार
प्रदेश में निपुण भारत मिशन को और मजबूत करने की तैयारी है। अब कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए भाषा, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन से जुड़े सीखने के लक्ष्य तय किए जाएंगे। शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
पुस्तकालय और अभिभावकों की भागीदारी
विद्यालयों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए पुस्तकालयों और शिक्षण सामग्री पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा बच्चों की प्रगति रिपोर्ट को अभिभावकों के साथ साझा कर उनकी भागीदारी बढ़ाने की योजना है।

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