5 साल की नौकरी के बाद मिलेगा ट्रांसफर का मौका
नई नीति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में कोई शिक्षक अपनी सेवा के 5 वर्ष पूरे होने के बाद स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया मार्च में शुरू होगी और विभाग जून तक प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी करेगा। हालांकि ट्रांसफर केवल आवेदन के आधार पर नहीं होगा। स्कूल में खाली पद, बच्चों की संख्या और विषयवार शिक्षकों की जरूरत को भी देखा जाएगा।
ज्यादा आवेदन होने पर नंबर के आधार पर फैसला
अगर किसी स्कूल में एक पद के लिए कई शिक्षक आवेदन करते हैं तो चयन वरीयता अंक के आधार पर किया जाएगा। सेवा अवधि, कठिन इलाके में नौकरी और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अंक तय किए जाएंगे। कुछ खास मामलों जैसे गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी।
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग नियम
नई व्यवस्था में महिला शिक्षकों और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान रखे गए हैं। महिला शिक्षकों को अनुरोध के आधार पर गृह प्रखंड के आसपास पदस्थापन में प्राथमिकता दी जा सकती है, जबकि पुरुष शिक्षकों के लिए गृह जिले को ध्यान में रखा जाएगा। हालांकि गृह पंचायत या वार्ड में सीधे पोस्टिंग नहीं दी जाएगी।
किन कारणों से प्रशासन कर सकेगा ट्रांसफर?
अगर किसी स्कूल में शिक्षकों की संख्या असंतुलित हो जाए, पढ़ाई प्रभावित हो, लगातार अनुपस्थिति या अनुशासन से जुड़ी समस्या सामने आए तो विभाग प्रशासनिक आधार पर भी शिक्षक का तबादला कर सकता है। नई नीति का उद्देश्य शिक्षकों को सुविधा देने के साथ-साथ स्कूलों में शिक्षकों की सही व्यवस्था बनाना है।
ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया
अब ट्रांसफर के लिए आवेदन देने से लेकर अंतिम आदेश तक की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी। शिक्षक पोर्टल पर आवेदन करेंगे, स्कूल का विकल्प चुनेंगे और समिति जांच के बाद फैसला लिया जाएगा। मनपसंद स्कूल नहीं मिलने को अकेले अपील का कारण नहीं माना जाएगा।
इन 7 आधारों पर मिलेगी प्राथमिकता
शिक्षकों के तबादले के लिए सरकार ने प्राथमिकता का क्रम तय किया है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, पति-पत्नी को एक जगह पदस्थापन की जरूरत वाले शिक्षक, विधवा, अलग रह रही महिला और अकेले बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे शिक्षक, आपसी सहमति से ट्रांसफर, स्कूलों में शिक्षक संख्या संतुलित करने के लिए समायोजन, सामान्य आवेदन।
तीन स्तर पर होगी जांच
तबादले के फैसले के लिए अलग-अलग स्तर पर समितियां बनाई जाएंगी। जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति मामलों की जांच करेगी। वहीं विशेष और अंतर-जिला मामलों पर प्रमंडलीय स्तर से निर्णय लिया जाएगा। बड़े मामलों की समीक्षा राज्य स्तर पर होगी।
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