दस्तावेज और पार्सल की अलग-अलग श्रेणियां
नई व्यवस्था के अनुसार केवल लिखित, मुद्रित या डिजिटल रूप से तैयार कागजात ही दस्तावेज माने जाएंगे। इसमें व्यक्तिगत पत्र, राखी के लिफाफे, ग्रीटिंग कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, चेक बुक, पासबुक तथा डेबिट और क्रेडिट कार्ड जैसे बैंकिंग दस्तावेज शामिल होंगे। यदि किसी लिफाफे या पैकेट में कागज के अलावा कपड़े, मिठाई, खिलौने, उपहार या कोई अन्य वस्तु रखी जाती है, तो उसे पार्सल की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसी स्थिति में ग्राहक को पार्सल सेवा के अनुसार निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
रक्षा बंधन पर राखी भेजने वालों को राहत
त्योहार के मौसम को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने राखी भेजने वालों को राहत दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राखी के लिफाफे और ग्रीटिंग कार्ड दस्तावेज श्रेणी में ही रहेंगे। इसका मतलब है कि बहनों को अपने भाइयों तक राखी भेजने के लिए पार्सल शुल्क नहीं देना पड़ेगा और वे पहले की तरह कम खर्च में स्पीड पोस्ट सेवा का लाभ उठा सकेंगी।
24 और 48 घंटे की नई स्पीड पोस्ट सेवा
तेज और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए डाक विभाग ने छह प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच दो नई सेवाएं शुरू की हैं। 24 स्पीड पोस्ट के तहत निर्धारित मार्गों पर 24 घंटे के भीतर डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है। इस सेवा में 50 ग्राम तक के दस्तावेज के लिए स्थानीय स्तर पर ₹38 और राष्ट्रीय स्तर पर ₹94 शुल्क तय किया गया है।
51 से 250 ग्राम तक के लिए दूरी के अनुसार ₹118 से ₹154 तक शुल्क लगेगा, जबकि 251 से 500 ग्राम तक के लिए ₹140 से ₹186 तक भुगतान करना होगा। वहीं 48 स्पीड पोस्ट सेवा के अंतर्गत 50 ग्राम तक की सामग्री के लिए न्यूनतम शुल्क ₹61 से शुरू होकर अधिकतम ₹121 तक रहेगा। इस सेवा का शुल्क भी गंतव्य और वजन के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
जीएसटी अलग से देना होगा
डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घोषित सभी नई दरें बेस रेट हैं। इन पर लागू नियमों के अनुसार जीएसटी अलग से जोड़ा जाएगा, इसलिए स्पीड पोस्ट कराने से पहले कुल शुल्क की जानकारी पोस्ट ऑफिस से अवश्य प्राप्त कर लें।
ग्राहकों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि कोई ग्राहक दस्तावेज की जगह किसी अन्य वस्तु को लिफाफे में रखकर भेजता है, तो उसे दस्तावेज नहीं बल्कि पार्सल माना जाएगा और उसी के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। इसलिए पोस्ट ऑफिस जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी डाक सामग्री किस श्रेणी में आती है। इससे अनावश्यक परेशानी और अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकेगा।

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