34 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के बलिया और बिहार के भोजपुर जिले के कुल 34 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। बलिया जिले के कई गांव, जैसे रामपुर कोड़रहा, धतूरी टोला, लक्ष्मण छपरा, शोभा छपरा, कर्णछपरा, सुकरौली, दोकटी, बाजिदपुर और दलन छपरा परियोजना के दायरे में आएंगे। वहीं भोजपुर जिले के नूरपुर नौबरार, बड़हरा, महुली, मथुरापुर, भेल डुमरा, पियरौटा और सरैया सहित अन्य गांवों की जमीन भी सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की जाएगी।
1,564 करोड़ रुपये से बनेगी परियोजना
इस 4-लेन सड़क परियोजना पर लगभग 1,564 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से करीब 900 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और किसानों को मुआवजा देने पर खर्च होने का अनुमान है। परियोजना में गंगा नदी पर महुली के पास एक बड़े पुल के निर्माण के साथ-साथ लगभग 100 छोटी-बड़ी पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे मार्ग को हर मौसम में सुरक्षित और सुचारु बनाया जा सके।
दूरी और यात्रा समय में होगी बड़ी कमी
सड़क बनने के बाद बलिया से आरा की दूरी लगभग 66 किलोमीटर रह जाएगी, जबकि बैरिया से आरा की दूरी करीब 30 किलोमीटर तक सीमित हो जाएगी। इसका सीधा लाभ व्यापारियों, किसानों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को मिलेगा। तेज संपर्क मार्ग बनने से माल ढुलाई आसान होगी और यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा।
कई राज्यों को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
नई सड़क परियोजना केवल उत्तर प्रदेश और बिहार तक सीमित नहीं रहेगी। इसके पूरा होने के बाद झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल (कोलकाता) की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए भी बेहतर संपर्क उपलब्ध होगा।

0 comments:
Post a Comment