गांव में ही मिल रही आधार संबंधी सेवाएं
नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन पंचायतों में आधार कार्ड से जुड़ी अधिकांश सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों का समय और यात्रा पर होने वाला खर्च दोनों कम होगा। अब तक इस पहल के माध्यम से 75 हजार से अधिक आधार सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं, जिससे योजना की उपयोगिता भी सामने आई है।
पूरे प्रदेश में होगा इस सेवा का विस्तार
पंचायती राज विभाग का लक्ष्य इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाना है। पहले चरण में 5,000 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि गांव स्तर पर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक आसानी से मिलेगा और पंचायतों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
पंचायत सहायकों डिजिटल ऑपरेटर
योजना को सफल बनाने के लिए पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य का प्रशिक्षण जारी है। आवश्यक उपकरण और ऑपरेटर आईडी भी सक्रिय की जा रही हैं, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर सेवाएं बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें।
इन छह जिलों को मिला पहला लाभ
फिलहाल लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 110 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है। इन जिलों के लोगों को अब आधार कार्ड से जुड़े छोटे-बड़े कार्यों के लिए जिला मुख्यालय या शहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
डिजिटल पंचायत की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का उद्देश्य केवल आधार सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों को भविष्य के आधुनिक डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है। आने वाले समय में अन्य सरकारी सेवाओं को भी पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीणों को अधिक सुविधाएं अपने गांव में ही मिल सकेंगी और पंचायतों की आय बढ़ाने के नए अवसर भी तैयार होंगे।

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