डिजिटल माध्यम से होगी पढ़ाई आसान
इन लाइब्रेरियों में केवल पारंपरिक किताबें ही नहीं होंगी, बल्कि आधुनिक डिजिटल अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों को 20 हजार से अधिक डिजिटल लर्निंग संसाधनों तक पहुंच मिलेगी, जिनमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और इंटरैक्टिव क्विज शामिल होंगे।
एक लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये खर्च
पंचायती राज विभाग प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये खर्च कर रहा है। इस राशि से पुस्तकें, कंप्यूटर एवं अन्य आईटी उपकरण, इंटरनेट से जुड़ी सुविधाएं और आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। लाइब्रेरी का वातावरण ऐसा बनाया जा रहा है, जहां छात्र आराम से बैठकर पढ़ाई कर सकें और डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर सकें।
पहले चरण का काम तेजी से आगे बढ़ा
योजना के पहले चरण में 37 जिलों में कार्य तेजी से चल रहा है। विभाग के अनुसार अब तक 10,976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें पहुंचाई जा चुकी हैं, जबकि 9,909 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष स्थानों पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं ताकि लाइब्रेरियों का संचालन जल्द शुरू हो सके।
सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी सुविधा
पंचायती राज विभाग के अनुसार भविष्य में राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों तक आधार सेवा केंद्र पहुंचाने की योजना है। पहले चरण में 5,000 ग्राम पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को आवश्यक डिजिटल सेवाएं और सरकारी सुविधाएं उनके गांव में ही उपलब्ध हों।
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