यूपी के इस जिले के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

मेरठ: सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने 12 अगस्त तक जिले के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं।

विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छुट्टी

जारी निर्देशों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश नहीं मिलेगा। यदि किसी राजपत्रित अधिकारी को अत्यंत आवश्यक कारण से छुट्टी चाहिए, तो उन्हें मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के माध्यम से अनुमति प्राप्त करनी होगी और इसकी सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को भी देनी होगी। इसी प्रकार अन्य कर्मचारियों को भी विशेष परिस्थितियों में अपने संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति लेकर अवकाश लेना होगा तथा इसकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा

यह निर्णय विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

24 घंटे अलर्ट मोड में रहेगा स्वास्थ्य विभाग

कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें ताकि आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही जिले की सभी एम्बुलेंस को पूरी तरह तैयार और संचालित स्थिति में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कांवड़ मार्गों पर विशेष चिकित्सा व्यवस्था होगी

प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और अस्थायी चिकित्सा शिविरों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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