कब तक आएगी आयोग की रिपोर्ट?
राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को गठन की तिथि से 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस हिसाब से आयोग के 3 मई 2027 तक अपनी सिफारिशें देने की संभावना है। यदि आयोग अपना काम पहले पूरा कर लेता है, तो वह निर्धारित समय से पहले भी रिपोर्ट सौंप सकता है।
सरकार को नियमित जानकारी देना जरूरी नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि 8वां वेतन आयोग एक स्वतंत्र निकाय के रूप में कार्य कर रहा है। आयोग पर यह बाध्यता नहीं है कि वह अपनी बैठकों, विचार-विमर्श या सिफारिशों की प्रगति से सरकार को समय-समय पर अवगत कराए। यानी आयोग अपनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद क्या होगा फैसला?
आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद केंद्र सरकार उसकी विस्तृत समीक्षा करेगी। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल तय करेगा कि किन सिफारिशों को स्वीकार किया जाए और किन्हें संशोधन के साथ लागू किया जाए। सामान्यतः इस प्रक्रिया में कुछ समय लगता है, इसलिए रिपोर्ट आने के तुरंत बाद वेतन संशोधन लागू होना आवश्यक नहीं होता।
7वें वेतन आयोग से क्या मिलते हैं संकेत, क्या होगा आगे?
पिछले वेतन आयोग के अनुभव पर नजर डालें तो 7वें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट नवंबर 2015 में सरकार को सौंपी थी। इसके बाद जून 2016 में अधिकांश सिफारिशों को मंजूरी दी गई थी। हालांकि संशोधित वेतन 1 जनवरी 2016 से प्रभावी माना गया और कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिला।
इसी आधार पर कर्मचारियों के बीच यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आ जाती है, तो सरकार वर्ष 2027 के अंत तक उस पर निर्णय ले सकती है। हालांकि इसे किस तिथि से लागू किया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही करेगी।

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