यूपी सरकार का बड़ा कदम, नागरिकों के लिए 5 नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के डिजिटल रिकॉर्ड, फसल सर्वे, डेयरी विकास और बाढ़ राहत व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए तय समय में लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया।

1. फार्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी

राज्य सरकार ने सभी जिलों को किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान किसानों के डिजिटल डेटाबेस को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के अनुसार प्रदेश के 2.45 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 85 प्रतिशत है। जिन जिलों में प्रगति धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

2. 16 अगस्त से शुरू होगा डिजिटल खरीफ फसल सर्वे

सरकार ने खरीफ-2026 ई-खसरा पड़ताल की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। 16 अगस्त से शुरू होने वाले इस डिजिटल सर्वे के लिए सर्वेयरों का चयन, प्रशिक्षण और तकनीकी व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस सर्वे के जरिए फसलों का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे भविष्य की कृषि योजनाएं और राहत वितरण अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

3. नंद बाबा दुग्ध मिशन को मिलेगा विस्तार

डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियों के गठन पर जोर दिया है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक किसान डेयरी व्यवसाय से जुड़कर अतिरिक्त आय अर्जित करें।

4. डेयरी इकाई स्थापित करना होगा आसान

सरकार ने डेयरी क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए 35 प्रतिशत बैंक ऋण की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब इच्छुक लाभार्थी अपनी स्वयं की वित्तीय व्यवस्था से भी डेयरी इकाई स्थापित कर सकेंगे। पात्र लोगों को मिलने वाला अनुदान सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके अलावा अगस्त महीने में सभी जिलों में दुग्ध कॉन्क्लेव आयोजित कर किसानों को योजनाओं की जानकारी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

5. बाढ़ राहत कार्यों पर विशेष निगरानी

मानसून के दौरान संभावित बाढ़ को देखते हुए सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि प्रभावित परिवारों तक समय पर राशन किट और आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए। जिलाधिकारियों को नियमित रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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