सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र शिक्षकों की पहचान और सत्यापन का कार्य जल्द पूरा किया जाए, ताकि योग्य शिक्षकों को बिना देरी के योजना का लाभ मिल सके। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जहां सभी पात्र शिक्षकों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
ऐसे पूरी होगी आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए शिक्षक सबसे पहले पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे। इसके बाद उन्हें अपने और अपने आश्रित परिवार के सदस्यों का विवरण आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद सबसे पहले संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य उसकी जांच करेंगे। प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित शिक्षक की नियुक्ति नियमों के अनुसार हुई है और वह वर्तमान में विद्यालय में नियमित रूप से कार्यरत है। सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को भेजा जाएगा।
डीआईओएस देंगे अंतिम मंजूरी
दूसरे चरण में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) आवेदन की दोबारा जांच करेंगे। सभी दस्तावेज और पात्रता सही पाए जाने पर अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके बाद शिक्षक मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
पात्र शिक्षकों को ही मिलेगा लाभ
सरकार ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश भी जारी किए हैं। यदि कोई शिक्षक किसी कारण से विद्यालय छोड़ देता है या उसकी सेवाएं समाप्त हो जाती हैं, तो संबंधित प्रधानाचार्य इसकी सूचना तुरंत डीआईओएस को देंगे। इसके बाद उस शिक्षक का नाम योजना से हटा दिया जाएगा, ताकि केवल पात्र और कार्यरत शिक्षकों को ही इस योजना का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अहम पहल
राज्य सरकार का यह फैसला वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह कदम शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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