इन नए मार्गों के बनने से पटना, सारण, भोजपुर, बक्सर, सीवान और गोपालगंज समेत आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही लंबे समय से बनी रहने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सर्वे के बाद तय होगी आगे की रूपरेखा
बिहार राज्य पथ विकास निगम की ओर से परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। टेंडर जारी होने के बाद कई एजेंसियों ने रुचि दिखाई है और अब चयनित एजेंसी द्वारा विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे में सड़क का अंतिम एलाइनमेंट, यातायात का दबाव, निर्माण लागत, भूमि की आवश्यकता और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर परियोजना की अंतिम रूपरेखा तैयार होगी।
बनेंगे तीन नए गंगा पथ
योजना के तहत तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाएगा:
बिदुपुर से दिघवारा तक गंगा अंबिका पथ (लगभग 56 किलोमीटर)
मनेर से बक्सर तक विश्वामित्र गंगा पथ (लगभग 90 किलोमीटर)
सारण के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक नारायणी पथ (लगभग 73.51 किलोमीटर)
इन मार्गों का उद्देश्य गंगा और नारायणी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
छह जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इन तीनों गंगा पथों के निर्माण से पटना, सारण, भोजपुर, बक्सर, सीवान और गोपालगंज के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। इसके अलावा आसपास के जिलों के लोगों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
ट्रैफिक और टोल पर भी होगा अध्ययन
परियोजना के दौरान यह भी आकलन किया जाएगा कि भविष्य में इन मार्गों पर कितना यातायात रहेगा और निर्माण के बाद टोल टैक्स की व्यवस्था की आवश्यकता होगी या नहीं। अंतिम निर्णय विस्तृत अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

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