179 लाख मानव दिवस का हुआ सृजन
ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, योजना के माध्यम से अब तक 179 लाख मानव दिवस का रोजगार पैदा हुआ है। इसका मतलब है कि ग्रामीण श्रमिकों को बड़ी संख्या में काम के अवसर उपलब्ध हुए हैं। योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि गांवों में आजीविका के साधनों को मजबूत करना और स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना भी है।
महिलाओं की भागीदारी 57% से ज्यादा
इस योजना में महिलाओं की भागीदारी भी काफी मजबूत दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रोजगार पाने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी 57.58 प्रतिशत रही है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की भागीदारी 17.48 प्रतिशत दर्ज की गई है।
457 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान
वीबी-जी राम जी योजना के तहत काम करने वाले लोगों को भुगतान भी किया जा रहा है। योजना के आंकड़ों को दर्ज करने वाले मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) के अनुसार, पहली जुलाई से अब तक 457 करोड़ 93 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
हर पात्र परिवार को 125 दिन काम की गारंटी
योजना की सबसे अहम बात यह है कि इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। इसके जरिए ग्रामीण परिवारों को आय का सहारा देने के साथ उनकी आजीविका को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
साथ ही गांवों में ऐसी टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनका लंबे समय तक ग्रामीण क्षेत्रों को फायदा मिल सके। इस तरह वीबी-जी राम जी योजना रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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