खुशखबरी! चीनी पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, आम लोगों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली। त्योहारों के सीजन में चीनी की कीमतों को लेकर परेशान उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा को और कम कर दिया है। अब व्यापारी अधिकतम 1000 क्विंटल चीनी ही अपने पास रख सकेंगे।

सरकार का यह नया नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही चीनी का स्टॉक रखने की अवधि भी घटाकर 15 दिन कर दी गई है। यानी व्यापारी को चीनी मिलने के बाद उसे 15 दिनों के भीतर बाजार में उतारना होगा।

लगातार घटाई जा रही स्टॉक लिमिट

सरकार पिछले कुछ समय से चीनी की जमाखोरी पर लगातार नजर रख रही है। अगस्त में व्यापारियों को 4000 क्विंटल तक चीनी रखने की अनुमति थी और स्टॉक रखने की अवधि 30 दिन थी। इसके बाद 15 सितंबर से सीमा घटाकर 2000 क्विंटल कर दी गई। अब इसे आधा करते हुए 1000 क्विंटल कर दिया गया है।

इस कदम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य चीनी को लंबे समय तक गोदामों में रोकने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है। ज्यादा स्टॉक जमा होने से बाजार में कृत्रिम कमी या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। सरकार चाहती है कि मिलों से निकलने वाली चीनी तेजी से बाजार तक पहुंचे और उपभोक्ताओं को पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे।

खुदरा कीमतों में भी आई गिरावट

खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी की औसत खुदरा कीमत अगस्त के उच्चतम स्तर की तुलना में करीब 15 फीसदी नीचे आ चुकी है। सरकार को उम्मीद है कि बाजार में सप्लाई बेहतर रहने से आगे भी कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। वहीं, मिल स्तर पर चीनी की कीमतों में करीब 28 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पिछले करीब तीन सप्ताह से मिल स्तर पर कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं।

इन जगहों पर लागू नहीं होगा नियम

सरकार ने कोलकाता और आसपास के विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम को इस स्टॉक लिमिट से बाहर रखा है। सरकार के मुताबिक, इन क्षेत्रों में चीनी की खपत सीमित होने के कारण वहां इस तरह की पाबंदी की आवश्यकता नहीं है।

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