CPI-IW के आधार पर बढ़ाई गई मजदूरी
सरकार ने मजदूरी में संशोधन औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) में आए बदलाव के आधार पर किया है। 30 जून 2026 तक CPI-IW में 6.62 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी के आधार पर VDA की नई दर तय की गई है। नई न्यूनतम मजदूरी की गणना बेसिक वेतन और संशोधित VDA को जोड़कर की जाती है।
निर्माण श्रमिकों की नई न्यूनतम मजदूरी
निर्माण क्षेत्र में मजदूरी क्षेत्र और काम के कौशल के हिसाब से निर्धारित की गई है। एरिया A में अकुशल श्रमिक को ₹840 और अति-कुशल श्रमिक को ₹1,111 प्रतिदिन मिलेंगे। वहीं एरिया B में यह दर क्रमशः ₹704 और ₹1,024 है। एरिया C में अकुशल श्रमिक के लिए न्यूनतम मजदूरी ₹565 प्रतिदिन, जबकि अति-कुशल श्रमिक के लिए ₹933 प्रतिदिन तय की गई है।
कृषि मजदूरों को भी फायदा
कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी में भी संशोधन हुआ है। एरिया A में अकुशल कृषि मजदूर को ₹537 प्रतिदिन, जबकि अति-कुशल श्रमिक को ₹705 प्रतिदिन मिलेंगे। एरिया B में अकुशल मजदूर की दर ₹491 प्रतिदिन और एरिया C में ₹486 प्रतिदिन रखी गई है।
सरकार के इस फैसले से महंगाई के बीच श्रमिकों की आमदनी और खरीदारी की क्षमता को सहारा मिलने की उम्मीद है। खासकर त्योहारी मौसम में बढ़ी हुई मजदूरी लाखों श्रमिक परिवारों के लिए आर्थिक राहत लेकर आई है।

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