30+ महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये 5 टेस्ट, समय रहते सेहत की जांच हो जाएगी

हेल्थ डेस्क। 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इस उम्र में कामकाज, परिवार और रोजमर्रा की व्यस्तता के बीच कई महिलाएं अपनी सेहत की नियमित जांच को टाल देती हैं। हालांकि, समय-समय पर जरूरी स्वास्थ्य जांच कराने से कुछ समस्याओं का शुरुआती स्तर पर पता लगाने में मदद मिल सकती है।

1. ब्लड प्रेशर की जांच

हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी रह सकता है। इसलिए 30 के बाद समय-समय पर रक्तचाप की जांच कराना उपयोगी है। अगर बीपी सामान्य से अधिक आता है तो डॉक्टर आगे की जांच और निगरानी की सलाह दे सकते हैं।

2. ब्लड शुगर टेस्ट

डायबिटीज का जोखिम वजन, पारिवारिक इतिहास और जीवनशैली समेत कई कारकों पर निर्भर करता है। फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज या डॉक्टर की सलाह के अनुसार HbA1c जैसी जांच से ब्लड शुगर की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

3. लिपिड प्रोफाइल

इस जांच में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड जैसी चीजों की जानकारी मिलती है। शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल अधिक होने पर हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल कराया जा सकता है।

4. सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग

महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण है। उम्र और मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार डॉक्टर पैप टेस्ट या HPV टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। कौन-सी जांच और कितने अंतराल पर करानी है, यह उम्र और पिछली रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाता है।

5. स्तन स्वास्थ्य की जांच

30 की उम्र के बाद महिलाओं को अपने स्तनों में किसी असामान्य बदलाव पर नजर रखनी चाहिए। गांठ, त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव या लगातार दर्द जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। मैमोग्राफी की जरूरत उम्र और व्यक्तिगत जोखिम के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं।

हर महिला के लिए एक जैसी जांच जरूरी नहीं

इन सभी टेस्ट को हर महिला के लिए एक ही समय या एक ही अंतराल पर कराना जरूरी नहीं होता। उम्र, परिवार में बीमारी का इतिहास, वजन, गर्भावस्था, जीवनशैली और पहले की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर अलग-अलग स्क्रीनिंग की सलाह दे सकते हैं।

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