तराई क्षेत्र में हालात ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं। करीब दस दिन पहले आए खराब मौसम से धान, मक्का और गन्ने समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा था। बुधवार को करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने बची फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। खेतों में पानी भरने से पककर तैयार धान की फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं, तेज बारिश के चलते जलभराव की समस्या भी सामने आई। रिसिया कस्बे में करीब आधे घंटे की बारिश के बाद कई जगह घुटनों तक पानी भर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
कई जिलों में जनहानि
आपको बता दें की आंधी और बारिश के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली, पेड़ और दीवार गिरने से कई लोगों की जान चली गई। सीतापुर, अंबेडकरनगर, अयोध्या और लखीमपुर समेत कुछ जिलों से जनहानि की खबर सामने आई है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए अगले 24 घंटे खास तौर पर सतर्क रहने वाले हैं। कई जिलों में आंधी-पानी का खतरा बना हुआ हैं।

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